हाईकोर्ट ने हरियाणा के दलित बहिष्कार मामले में लिया कड़ा संज्ञान, महाअधिवक्ता तलब

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हांसी । हरियाणा के जिला हिसार केे भाटला गांव में चर्चित दलितो के सामाजिक बहिष्कार के एक मामले में कड़ा रूख अपनाते हुए गत शुक्रवार को पंजाब व् हरियाणा हाइकोर्ट में जस्टिस ए बी चौधरी की कोर्ट ने सुनवाई के दौरान हरियाणा punjab and haryana court_1465879408_725x725के महाधिवक्ता बलदेवराज महाजन को अदालत में तलब किया व् उनको निर्देश देते हुए कहा कि इस तरह के मामलो को सामाजिक मध्यस्थता से सुलझाना चाहिये। जिस पर एड्वोकेट जनरल ने इस मामले को उच्चतम स्तर पर संज्ञान में लाकर इस मामले का हल निकालने की बात अदालत को कही। इस मामले में हाइकोर्ट ने एड्वोकेट जनरल की रिपोर्ट के लिए आगामी तारीख 24अगस्त निर्धारित की है। ज्ञात रहे कि ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क व् नेशनल अलायन्स फॉर ह्यूमन राइट्स के संयोजक अधिवक्ता रजत कल्सन ने बताया कि भाटला का अजय दहिया जो सामाजिक बहिष्कार के मामले में शिकायतकर्ता है की और से ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क ने एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में अजय ने सामाजिक बहिष्कार के मामले में हांसी सदर थाना में दर्ज मुकदमे में हिसार के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिमल कुमार के उस आदेश को चुनोती दी थी जिसमे सामाजिक बहिष्कार के भाटला निवासी एक आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी गई थी अधिवक्ता कल्सन ने बताया कि अनुसूचित जाति व् जनजाति अधिनियम के अनुसार इस तरह के मामलो में अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।भाटला में दलितो के सामाजिक बहिष्कार के मामले को पंजाब व् हरियाणा हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए यह आदेश दिए
इस आदेश के संज्ञान में आने के बाद आज गांव भाटला के गुरु रविदास मंदिर में दलित समाज की एक बैठक आयोजित की गयी जिसमे अधिवक्ता रजत कल्सन ने दलित ग्रामीणों को हाइकोर्ट के उक्त आदेश की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि सरकार के प्रतिनिधि इस बारे में जल्द ग्रामीणों से संपर्क कर सकते है। उन्होंने कहा कि वे भाटला प्रकरण में हांसी पुलिस जिला के एसपीए एएसपीए डीएसपी व् एसएचओ थाना सदर हांसी की नकारात्मक भूमिका की जानकारी देंगे जिन्होंने जातिपाति की आग भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। दलित ग्रामीणों ने कहा कि तीनों मुकदमो के आरोपियो की गिरफ्तारी व् कड़ी कार्रवाई से पहले वह् किसी बात और सहमत नही होंगे। इस मौके पर भाटला प्रकरण के मामले में दलित समुदाय की तरफ से 10 सदस्यीय समिति का गठन किया गया।यह समिति भाटला प्रकरण में दलितों की पैरवी करेगी।
गौरतलब है कि गत 15 जून को गांव भाटला में तथाकथित उच्च जाती के युवकों ने पानी भरने को लेकर दलित युवको को चोटे मारी थी जिस पर दलित छात्रों ने दबंगों के खिलाफ अनुसूचित जाति व् जनजाति अधिनियम के तहत थ्प्त् दर्ज कराइ थी जिसके बाद इस मामले में समझौता न करने पर दबंगों ने गांव में दलितो का सामाजिक बहिष्कार कर दिया था। जिस पर दलित ग्रामीणों ने हांसी के आंबेडकर चौक पर सात दिन तक धरना दिया था जिसके बाद सामाजिक बहिष्कार के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में दबंगों ने भी दलितों के खिलाफ हांसी पुराणी कचहरी पर तीन दिन तक धरना दिया था।

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