पद्मावती के प्रदर्शन पर झारखंड में भी लगे रोक

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अशोक कुमार झा jyotirishwar_singh

रांची। फ़िल्म पद्मावती के विरोध की आग झारखंड भी पहुंच गयी है। किसान मोर्चा अध्यक्ष ज्योतिरीश्वर सिंह ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पद्मावती फ़िल्म के ज़रिए न केवल राजपूताना इतिहास बल्कि औरतों के सम्मान के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गयी है। जो हर हाल में बंद होनी चाहिए। जिन लोगों को यह तथ्य पता नहीं उन्हें अपनी जानकारी दुरुस्त करनी चाहिए, महारानी पद्मावती एक वीरंगना थी। औरतों के सम्मान के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया था। इनकी छवि को मलिन करने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। झारखंड में इस फ़िल्म के प्रदर्शन को हर हाल में रोका जाना चाहिए।
इस मुद्दे पर 24 नबम्बर को एक कार्यक्रम में आए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि यह देश का दुर्भाग्य ही है कि यहां पद्मावती जैसी फ़िल्म का विरोध केवल करनी सेना या राजपूत  कर रहे हैं। राष्ट्र के अस्मिता के साथ खिलवाड़ हो और हम मूक दर्शक बनकर सब कुछ चुपचाप देखते रहें। यह ठीक नहीं है। इसका हम सभी को विरोध करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर राष्ट्रपिता के चरित्र के साथ कोई खिलवाड़ करेगा, तो क्या हम चुपचाप बैठे रहेंगे। पद्मावती शौर्य की गाथा है कोई फ़िल्मकार सिर्फ़ मुनाफ़ा कमाने के लिए ऐसी फ़िल्म बनता है जिससे हमारे स्वाभिमान को ठेस पहुंचे तो किसी भी हाल में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उधर, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी पद्मावती पर कड़ी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि ऐतिहासिक विषय पर जब भी कोई फ़िल्म बनती है तो तथ्यों को फ़िल्म में इस तरह पेश ना करें कि लोगों को लगे कि फ़िल्म में पैसे को ज़्यादा तरजीह दी गयी है। इसलिए यह ध्यान देना ज़रूरी है कि लोगों का मन आहत ना हो, तथ्यों को ग़लत तरीक़े से पेश ना किया गया हो। उन्होंने कहा कि फ़िल्मकार ऐसी चीज़ों को ना दिखायें, जिससे लोगों में भ्रम फैले। ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर गहन चिंतन और रीसर्च करना चाहिए। सिर्फ़ व्यावसायिक हित को ध्यान में रख कर फ़िल्म नहीं बनानी चाहिए।

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