कर्मचारी संघ तय करें, स्वास्थ्य बीमा चाहिए या भत्ता – मुख्य सचिव

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अशोक कुमार झा।

रांची। मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा है कि राज्य के तमाम कर्मचारी संघ समय-समय पर सामूहिक स्वास्थ्य बीमा की मांग करते रहे हैं। इसे देखते हुए कर्मचारियों को सपरिवार सामूहिक स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के निमित्त तैयार योजना की रूप-रेखा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ साझा किया गया। फिलवक्त देश के मात्र दो राज्यों पंजाब और जम्मू एवं कश्मीर में स्वास्थ्य बीमा का लाभ कर्मचारियों को दिया जा रहा है। मुख्य सचिव ने संघों को 15 फरवरी तक लिखित रूप से अपने निर्णय से अवगत कराने को कहा है कि वे स्वास्थ्य बीमा का लाभ लेना चाहते हैं या भत्ता का। मुख्य सचिव स्वास्थ्य बीमा के मुद्दे पर प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में तमाम कर्मचारी संघों के साथ वार्ता कर रहे थे।

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में पुलिस संवर्ग के 70 हजार और सिविल संवर्ग के लगभग एक लाख 20 हजार कर्मचारी हैं। संघ के प्रतिनिधियों को प्रजेंटेशन के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा की बारीकियों को बताया गया। वहीं उनकी कतिपय जिज्ञासा का भी निवारण किया गया। बताया गया कि सभी कर्मचारियों के माता-पिता, पत्नी और दो संतान इस बीमा से आच्छादित होंगे। सभी परिजनों का अलग-अलग बीमा कार्ड बनेगा, ताकि वे देश के किसी भी इलाके में रहते हुए बीमा का लाभ ले सकें। पांच लाख तक की कैशलेस बीमा को अधिकतम 10 लाख तक बढ़ाया जा सकेगा। वहीं इससे ज्यादा राशि खर्च होने पर बोर्ड के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर राशि देय होगी। इसके लिए अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये का भी प्रावधान बीमा में किया गया है। बैठक में कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल और स्वास्थ्य सचिव नीतिन मदन कुलकर्णी भी शामिल थे।7

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